Monday, February 9, 2026

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेश किया 53 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का बजट…

इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव नहीं, शेयर निवेशकों को भी झटका, चुनावी राज्यों पर फोकस
 मिडिल क्लास खाली हाथ, युवा, किसान, निवेशक नजरअंदाज
कैंसर की 17 दवाइयां कस्टम ड्यूटी फ्री, 3 आयुर्वेदिक एम्स; 7 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर बनेंगे

नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश का बजट 2026 पेश कर दिया है। यह बजट आम आदमी, महिलाओं, किसानों और युवाओं पर फोकस बताया जा रहा है। इस बजट का कुल साइज 53.5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। इस बजट में आम आदमी के लिए कई बड़े ऐलान किए गए हैं। 7  नए रेल कोरिडोर का ऐलान किया गया है। वहीं गंभीर बीमारियों की दवाओं को सस्ता कर दिया गया है।  लेकिन इस बजट में अभी कई बड़े ऐलान नहीं किए गए हैं, जिसपर आम आदमी को उम्मीद थी कि ये बड़े ऐलान हो सकते हैं और उन्हें बड़ी राहत दी जा सकती है। पिछले बजट में नए इकनम टैक्स रिजीम के तहत आम टैक्सपेयर्स को 12 लाख रुपये तक की सालाना कमाई पर 0 टैक्स का ऐलान किया गया था, जिसकी लिमिट बढ़ाकर इस बार14 लाख रुपये तक किए जाने की उम्मीद थी, लेकिन सरकार ने इसमें कोई बदलाव नहीं किया है। नए टैक्स सिस्टम के तहत पीपीएफ, एनपीएस और ईएलएसएस जैसी योजनाओं में निवेश पर टैक्स छूट दिए जाने की उम्मीद की जा रही थी। लेकिन सरकार ने इसमें कोई बदलाव नहीं किया है। यह सिर्फ पुराने टैक्स रिजीम के तहत ही छूट के योग्य होंगे। ओल्ड टैक्स रिजीम में इन योजना में निवेश पर इनकम टैक्स की धारा 80सी के तहत 1.5 लाख रुपये तक की टैक्स छूट दी जाती है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 85 मिनट बोलीं, लेकिन आम आदमी के लिए कोई बड़ा ऐलान नहीं किया। हालांकि टैक्स फाइल करने में सहूलियत, रेलवे प्रोजेक्ट और आयुर्वेदिक एम्स जैसी नई बातें कही गई हैं। वित्त मंत्री के भाषण में कोई सीधा चुनावी ऐलान भी नहीं था। वे लोकसभा में तमिलनाडु की प्रसिद्ध कांजीवरम साड़ी पहनकर पहुंचीं जरूर, लेकिन इसी साल होने वाले पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी चुनाव पर सीधा असर डालने वाली घोषणाएं नहीं कीं। वित्त मंत्री ने भाषण में जियो-पॉलिटिक्स और चुनौतियों का जिक्र किया और देश का रक्षा बजट 6.81 लाख करोड़ से बढ़ाकर 7.85 लाख करोड़ कर दिया। इसमें से 2.19 लाख करोड़ सैन्य बलों के आधुनिकीकरण पर खर्च किए जाएंगे। यह रकम पिछले साल 1.80 लाख करोड़ थी।

बजट की 7 सबसे बड़ी घोषणाएं
इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं। रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने के लिए 3 महीने का ज्यादा समय दिया। यानी अब 31 दिसंबर के बदले 31 मार्च तक रिवाइज्ड रिटर्न फाइल कर सकते हैं।
3 आयुर्वेदिक एम्स खोले जाने की घोषणा। मेडिकल टूरिज्म को बढ़ाने के लिए 5 मेडिकल हब भी बनेंगे।
कैंसर की 17 दवाओं पर से आयात शुल्क हटाया। अभी 5 प्रतिशत शुल्क लगता था। हीमोफिलिया, सिकल सेल और मस्कुलर डिस्ट्रॉफी जैसी 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाइयांभी ड्यूटी फ्री।
7 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा। इनमें मुंबई -पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलिगुड़ी।
5 लाख से ज्यादा आबादी वाले टियर-2 और टियर-3 शहरों के विकास के लिए 12.2 लाख करोड़ खर्च करने का ऐलान।
15 हजार सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब्स बनाई जाएंगी।
करीब 800 जिलों में लड़कियों के लिए हॉस्टल बनेंगे। हर जिले में एक हॉस्टल बनाया जाएगा।

किसके लिए क्या
युवाओं के लिए
इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजी, मुंबई की मदद से 15,000 सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब्स खुलेंगे। एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक सेक्टर के लिए 2030 तक 20 लाख युवाओं को तैयार किया जाएगा। 5 नए टाउनशिप विकसित किए जाएंगे, जहां पढ़ाई के साथ कंपनियों में काम का मौका देकर युवाओं को कॉर्पोरेट मित्र बनाया जाएगा। सुदूर इलाकों में इंटरनेट कनेक्टिविटी और डिजिटल नेटवर्क मजबूत करने के लिए 12.2 लाख करोड़ खर्च किए जाएंगे। गेमिंग स्टार्टअप्स को लोन देने के लिए 10,000 करोड़ का फंड बनाया जाएगा। 10 लाख से ज्यादा प्रोफेशनल को हायर किया जाएगा। आईआईटी और आईआईएससी में 10,000 नई टेक फेलोशिप शुरू की जाएंगी, जिसमें एआई और डीप-टेक में रिसर्च पर फोकस होगा। एस्ट्रोफिजिक्स और एस्ट्रोलॉजी को बढ़ावा देने के लिए 4 टेलीस्कोप इंफ्रास्ट्रक्चर फैसिलिटीज डेवलप की जाएंगी। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी बनाया जाएगा जो स्टूडेंट्स को सीधे सर्विस इंडस्ट्री में काम के लिए तैयार करेगा। 20 बड़े टूरिस्ट साइट्स पर 12 हफ्तों का हाइब्रिड ट्रेनिंग कोर्स चलेगा। इससे 10,000 टूरिस्ट गाइड्स को अप-स्किल किया जाएगा। नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड स्थापित होगा। इससे लोकल रिसर्चर, इतिहासकार और कंटेंट क्रिएटर्स के लिए जॉब के मौके बनेंगे। देश में 3 नए ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद की स्थापना की जाएगी।

महिलाओं के लिए
बिजनेसवुमन को प्रमोट करने के लिए सी-मार्ट स्थापित किए जाएंगे। इसमें क्षेत्रीय कम्युनिटी की महिला दुकानदारों की रीटेल दुकानें होंगी। देश के हर जिले में एक गल्र्स हॉस्टल बनाया जाएगा। इससे दूर-दराज इलाकों की छात्राएं लैब और रिसर्च के लिए ज्यादा समय दे सकेंगी जिससे हायर एजुकेशन में भागीदारी बढ़ सके। साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथमेटिक्स  में महिलाओं को प्रमोट करने के लिए स्पेशल फंड बनाया जाएगा। महिला सुरक्षा के लिए बुनियादी ढांचे और सीसीटीवी नेटवर्क को और मजबूत करने के लिए बजट में बढ़ोतरी की गई है। महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए विशेष आयुर्वेदिक देखभाल केंद्र खोले जाएंगे।

नौकरी पेशा लोगों के लिए
इनकम टैक्स स्लैब और रेट्स में कोई बदलाव नहीं किया गया। 2025 में 12 लाख तक की आय टैक्स-फ्री की गई थी। नई टैक्स रिजीम के तहत स्टैंडर्ड डिडक्शन 75,000 बरकरार है। कर्मचारी भविष्य निधि के लिए अनिवार्य वेतन सीमा को 15,000 रुपए से बढ़ाकर 25,000 रुपए किया गया है। ‘एजुकेशन टू एम्पलॉयमेंट एंड इंटरप्राइजेज’ कमेटी बनाई जाएगी। ये कमेटी एआई समेत उभरती तकनीकों के रोजगार पर पडऩे वाले असर का आकलन कर सिफारिशें देगी। छोटे उद्यमियों की मदद के लिए 10,000 करोड़ रुपए का फंड बनाया जाएगा।

 किसानों के लिए
खेती को आधुनिक बनाने के लिए मल्टीलैंग्वेज एआई टूल भारत विस्तार लॉन्च किया जाएगा। ये टूल किसानों को उनकी अपनी भाषा में खेती के तरीकों, मौसम की जानकारी और फसल के स्टॉक का अपडेट देगा। अगले एक साल में 6 करोड़ किसानों और उनकी जमीन की जानकारी डिजिटल रजिस्ट्री में शामिल की जाएगी। नारियल उत्पादन बढ़ाने, चंदन की वैज्ञानिक खेती और पहाड़ी क्षेत्रों में बादाम, अखरोट, काजू और कोको की खेती के लिए स्पेशल इंसेटिव दिया जाएगा। अगले दो सालों में 1 करोड़ किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए ट्रेनिंग दी जाएगी और इसका सर्टिफिकेट दिया जाएगा। इसके लिए देशभर में 10,000 केंद्र स्थापित किए जाएंगे। फसलों की बर्बादी रोकने के लिए देशभर में फसल भंडारण क्षमता विकसित की जाएगी। मछली पालन के लिए बजट बढ़ाकर 2,352 करोड़ रुपए कर दिया गया है। डेयरी और पशुपालन में स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी योजना शुरू की जाएगी। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत मिलने वाली राशि को 6,000 रुपए सालाना बरकरार रखा गया है। इससे 11.8 करोड़ किसानों को लाभ मिलता रहेगा।

अलग-अलग सेक्टर्स के लिए घोषणाएं
मेडिकल और हेल्थ
कैंसर की 17 दवाओं पर कस्टम ड्यूटी हटा दी गई है। हीमोफीलिया जैसी 7 दुर्लभ बीमारियों में इस्तेमाल होने वाली दवाएं भी सस्ती होंगी। देश में 3 नए अखिल भारतीय आयुर्वेदिक इंस्टीट्यूट खुलेंगे। झारखंड के रांची और असम के तेजपुर में नेशल मेंटल हेल्थ केयर की शुरुआत होगी। ‘बायोफार्मा शक्ति स्कीम’ के लिए 10 हजार करोड़ रुपए का ऐलान। इसके जरिए भारत को अगले 5 साल में बायोफार्मा हब बनाया जाएगा। 3 नए नेशनल फार्मास्युटिकल एजुकेशन और रिसर्च इंस्टीट्यूट बनेंगे। इनमें 1 लाख से ज्यादा हेल्थ वर्कर्स को ट्रेनिंग दी जाएगी। भारत को मेडिकल टूरिज्म बनाने के लिए अलग-अलग राज्यों में 5 रीजनल मेडिकल हब बनेंगे। इसके लिए केंद्र, राज्यों को सपोर्ट करेगा। देशभर में जिला अस्पतालों में इमरजेंसी और ट्रॉमा सेंटर खोलकर अस्पतालों की कैपेसिटी 50 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ाई जाएगी।

 सेना के लिए
सेना को कुल 7.8 लाख करोड़ रुपए मिले हैं। यानी पिछले साल से करीब 1.04 लाख करोड़ रुपए ज्यादा। यह पिछले 10 साल में सबसे ज्यादा है। सैलरी के लिए 3.6 लाख करोड़ और पेंशन बांटने के लिए 1.71 लाख करोड़ रुपए मिले हैं। यानी कुल डिफेंस बजट का करीब 68 प्रतिशत सैलरी-पेंशन पर खर्च होगा। सैलरी के लिए आर्मी को सबसे ज्यादा 2.43 लाख करोड़, एयरफोर्स को 63 हजार करोड़ और नेवी को करीब 47 हजार करोड़ रुपए मिले हैं। कैपिटल बजट 2.19 लाख करोड़ रुपए है जो पिछले बजट से 21 प्रतिशत ज्यादा है। इसका ज्यादातर हिस्सा हथियारों की खरीद के लिए इस्तेमाल होता है। कैपिटल बजट में से करीब 64 हजार करोड़ एयरक्राफ्ट और एयर इंजन बनाने के लिए खर्च किए जाएंगे। 25 हजार करोड़ नेवल वारशिप के लिए मिलेंगे।

रेलवे के लिए
इस साल रेलवे को कुल 2.81 लाख करोड़ रुपए मिले हैं। पिछले साल यह बजट 2.55 लाख करोड़ रुपए था। यानी रेलवे बजट में करीब 10 प्रतिशत ज्यादा। देश में 7 नए हाई स्पीड रेलवे कॉरिडोर बनेंगे। ये कॉरिडोर मुंबई से पुणे, पुणे से हैदराबाद, हैदराबाद से बेंगलुरु, हैदराबाद से चेन्नई, चेन्नई से बेंगलुरु, दिल्ली से वाराणसी और वाराणसी से सिलिगुडी तक बनेंगे।

 इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए
इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए इस बार कुल 12.2 लाख करोड़ रुपए का कैपिटल एक्सपेंडिचर तय किया गया है। यानी पिछले साल से करीब 1 लाख करोड़ ज्यादा। कैपिटल एक्सपेंडिचर यानी ऐसे खर्च जिससे लॉन्ग टर्म रेवेन्यू जेनरेट होता है। इसका इस्तेमाल सडक़, ओवर ब्रिज, स्कूल और अस्पताल बनाने जैसे खर्च में होता है। पश्चिम बंगाल सहित 5 पूर्वी राज्यों में सरकार टूरिज्म डेस्टिनेशन सेंटर बनाएगी। इन राज्यों में सरकार 4 हजार ई बसें चलाएगी। देश में माल ढोने के लिए 20 नए वाटरवेज बनेंगे। ये वाटरवेज खनिज वाले इलाकों, औद्योगिक केंद्रों और बंदरगाहों को जोड़ेंगे। केंद्र सरकार पश्चिम बंगाल के दानकुनी से गुजरात के सूरत तक नया मालवाहक कॉरिडोर बनाएगी।

 सेक्टर वाइज
इनकम टैक्स

इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं। रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने के लिए 3 महीने का ज्यादा समय दिया। यानी अब 31 दिसंबर के बदले 31 मार्च तक रिवाइज्ड रिटर्न फाइल कर सकते हैं। न्यू इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। फॉर्म रीडिजाइन किए गए हैं, ताकि आम लोग उसे आसानी से भर सकें।

स्वास्थ्य
कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 17 दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी हटा दी गई है। ये एडवांस कैंसर की इंपोर्ट होने वाली दवाएं हैं। अभी 5 प्रतिशत कस्टम ड्यूटी लगती थी। हीमोफिलिया, सिकल सेल और मस्कुलर डिस्ट्रॉफी जैसी 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाइयां भी ड्यूटी फ्री कर दी गई हैं।

आयुर्वेद
3 आयुर्वेदिक एम्स बनाने का ऐलान किया गया है। आयुर्वेदिक दवाइयों की टेस्टिंग के नेशनल लैब्स बनाई जाएंगी। भारत को ग्लोबल लेवल पर बायोफार्मा प्रोडक्ट के उत्पादन का हब बनाया जाएगा। अगले पांच साल में एक लाख स्पेशलिस्ट हेल्थकेयर प्रोफेशनल तैयार होंगे। इसके लिए ?10,000 करोड़ के निवेश करने की बात कही गई है।

 गल्र्स एजुकेशन
 देश में 789 जिले हैं। हर जिले में गल्र्स हॉस्टल बनाने का ऐलान किया गया है। गर्ल स्टूडेंट्स के लिए विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित शिक्षा को विशेष प्राथमिकता देने की बात कही गई है।

महिलाएं
लखपति दीदी की तर्ज पर महिला स्वयं सहायता समूह की उद्यमी महिलाओं के लिए शी-मार्ट बनाए जाएंगे। इन दुकानों को महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों के समुदाय ही चलाएंगे। यहां महिलाओं के बनाए खाद्य पदार्थ, हस्तशिल्प, कपड़े और स्थानीय उत्पाद सीधे बेचे जाएंगे। इससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी और महिलाओं को अपने कारोबार पर मालिकाना हक मिलेगा।

 रेल-जलमार्ग और ग्रीन ट्रांसपोर्ट सेक्टर
शहरों के बीच 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाए जाएंगे। ये मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-चेन्नई, हैदराबाद-बेंगलुरु, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी के बीच बनेंगे। अगले 5 साल में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग बनेंगे। बनारस और पटना में जहाज मरम्मत सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

रक्षा बजट 16 प्रतिशत बढ़ा
डिफेंस बजट के लिए 7.85 लाख करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसमें पिछले साल के 6.81 लाख करोड़ के मुकाबले 15.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। कुल रकम में से सैन्य बलों के आधुनिकीकरण पर 2.19 लाख खर्च होंगे। पिछले साल यह 1.80 लाख करोड़ था। विमान और एयरो इंजन डेवलपमेंट के लिए 64 हजार करोड़ और नौसेना बेड़े के लिए 25 हजार करोड़ रुपए दिए गए हैं। पेंशन के लिए 1.71 लाख करोड़ अलग रखे गए हैं।

ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा
सरकार ने लिथियम-आयन बैटरी बनाने वाली मशीनों पर टैक्स छूट का दायरा बढ़ा दिया है। अब बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम के लिए इस्तेमाल होने वाले सामान पर भी ड्यूटी नहीं लगेगी। इससे इलेक्ट्रिक व्हीकल सस्ते होंगे। वहीं, सोलर ग्लास बनाने में इस्तेमाल होने वाले सोडियम एंटीमोनेट पर भी ड्यूटी हटा दी गई है, जिससे देश में सोलर पैनल बनाना सस्ता होगा।

खनिज
केरल, तमिलनाडु और ओडिशा में दुर्लभ खनिजों के लिए विशेष कॉरिडोर बनाए जाएंगे। इसमें आंध्र प्रदेश को भी जोड़ा जाएगा ताकि खनिज संपन्न राज्यों को फायदा मिले। रेयर अर्थ मटेरियल का इस्तेमाल इलेक्ट्रिक गाडिय़ों की मोटर बनाने में इस्तेमाल किया जाता है।

खेती और पशु मछली पालन
नारियल प्रोत्साहन योजना से करीब 3 करोड़ लोगों को जोड़ा जाएगा। मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए 500 तालाबों और अमृत सरोवरों का विकास किया जाएगा। पशुपालन के क्षेत्र में नए व्यवसायों को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि ज्यादा लोगों के लिए नौकरी और रोजगार के अवसर बनें। राज्यों के साथ मिलकर भारतीय चंदन उद्योग तंत्र को फिर से स्थापित किया जाएगा। काजू-कोको को 2030 तक दुनिया में पहचान दिलाने का टारगेट है।

 हैंडलूम कारीगरों की मदद
नेशनल हैंडलूम पॉलिसी से कारीगरों को प्रोत्साहन और मदद देने की तैयारी है। मेगा टेक्सटाइल पार्क बनाए जाएंगे। मैन मेड फाइबर का उत्पादन बढ़ेगा। एडवांस्ड फाइबर के लिए टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन का सिस्टम तैयार किया जाएगा। महात्मा गांधी ग्राम स्वराज मिशन के तहत खादी को प्रोत्साहित करने के लिए प्रोडक्शन, ट्रेनिंग और मार्केटिंग पर जोर होगा। वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट को बढ़ावा दिया जाएगा।

पर्यटन
20 प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों पर 10,हजार गाइड्स को ट्रेंनिंग दी जाएगी। इसके लिए पायलट योजना शुरू की जाएगी। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में पर्यावरणीय रूप से ऐसे रास्ते बनाए जाएंगे जो ट्रेकिंग और हाइकिंग के लिए आसान हों।

विदेश में पढ़ाई-इलाज
2026-27 में विदेश पैसा भेजने पर लगने वाले टैक्स कलेक्टेड एड सोर्स को कम करने का ऐलान किया है। अब विदेश में पढ़ाई या इलाज के लिए साल में 10 लाख रुपए से ज्यादा भेजे तो टैक्स कलेक्टेड एड सोर्स 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है।

क्या सस्ता हुआ
दवाइयां: कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 17 दवाओं और दुर्लभ बीमारियों की 7 दवाओं को पूरी तरह से सीमा शुल्क मुक्त कर दिया गया है। व्यक्तिगत उपयोग के लिए आयातित दवाओं पर शुल्क 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया है।
मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स: देश में बने स्मार्टफोन और टैबलेट सस्ते हो सकते हैं क्योंकि कैमरा मॉड्यूल और डिस्प्ले पैनल जैसे कंपोनेंट्स पर शुल्क घटाया गया है। इसके अलावा, माइक्रोवेव ओवन के कुछ हिस्सों पर भी छूट दी गई है।
इलेक्ट्रिक वाहन :  ईवी बैटरी और लिथियम-आयन बैटरी निर्माण में उपयोग होने वाले कच्चे माल (जैसे लिथियम, कोबाल्ट) पर सीमा शुल्क कम किया गया है।
जूते और कपड़े : चमड़े के जूते और कपड़ों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए इनके कच्चे माल के आयात पर शुल्क घटाया गया है, जिससे घरेलू बाजार में भी इनकी कीमतों में राहत मिल सकती है।
खेल का सामान: खेलो इंडिया मिशन के तहत खेल उपकरणों को अधिक किफायती बनाया गया है।
विमान यात्रा: नागरिक विमानों के पुर्जों और रखरखाव  के लिए कच्चे माल पर सीमा शुल्क में छूट दी गई है, जिससे लंबी अवधि में विमानन क्षेत्र की लागत कम हो सकती है।
सोलर और सीएनजी: सरकार ने स्वच्छ ऊर्जा को बढावा देने के लिए सोलर सिस्टम पर लगने वाले टैक्स को कम किया है, इसके साथ ही सीएनजी भी सस्ती हो सकती है।
क्या महंगा हुआ
तंबाकू उत्पाद और सिगरेट: बजट में सिगरेट और पान मसाला पर नई एक्साइज ड्यूटी और सिन टैक्स लगाने का प्रस्ताव है, जिससे ये उत्पाद महंगे हो गए हैं।
विदेशी शराब: आयातित शराब पर लगने वाले शुल्कों में वृद्धि की गई है।
आयातित लग्जरी वस्तुएं: विदेशी परफ्यूम, महंगे जूते, कपड़े और लग्जरी घडिय़ों पर आयात शुल्क बढऩे से ये महंगे हो सकते हैं।
सोना और चांदी: कीमती धातुओं पर आयात शुल्क में बदलाव के कारण घरेलू बाजार में इनके दाम बढ़ सकते हैं।
शेयर बाजार में निवेश: फ्यूचर्स और ऑप्शंस पर सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स में भारी बढ़ोतरी की गई है, जिससे शेयर बाजार में ट्रेडिंग करना अब और महंगा हो जाएगा।

सरकार की कमाई, कर्ज और घाटे का पूरा हिसाब
सरकारी कर्ज में कमी लाने का लक्ष्य
सरकार ने लक्ष्य रखा है कि 2030-31 तक देश का कुल कर्ज, जीडीपी के 50 प्रतिशत के बराबर लाया जाए। 2025-26 में यह कर्ज 56.1 प्रतिशत था, जो अब 2026-27 में घटकर 55.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है। यह कर्ज कम होगा तो सरकार को ब्याज कम देना पड़ेगा, जिससे वो पैसा स्कूल, अस्पताल और सडक़ों पर खर्च हो सकेगा।

राजकोषीय घाटा पिछली बार से कम हुआ
राजकोषीय घाटा मतलब सरकार की कमाई और खर्च के बीच का अंतर। सरकार ने कहा है कि वह घाटे को जीडीपी के 4.5 प्रतिशत से नीचे ले आई है। 2025-26 में यह घाटा 4.4 प्रतिशत रहा, और अगले साल (2026-27) के लिए इसे और घटाकर 4.3 प्रतिशत करने का लक्ष्य है।

पिछले साल (2025-26) का हिसाब किताब
सरकार की कुल कमाई 34 लाख करोड़ रही। इसमें से 26.7 लाख करोड़ टैक्स से आए। वहीं कुल खर्च ?49.6 लाख करोड़ रहा। पूंजीगत खर्च यानी लगभग 11 लाख करोड़ नए ब्रिज, हाईवे और इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने में खर्च हुआ।

अगले साल (2026-27) का बजट प्लान
सरकार ने 36.5 लाख करोड़ कुल कमाई का अनुमान है। जिसमें टैक्स से 28.7 लाख करोड़ आएंगे। वहीं लगभग 53.5 लाख करोड़ कुल खर्च रहने का अनुमान है।खर्च कमाई से ज्यादा है, इसलिए सरकार बाजार से 11.7 लाख करोड़ का उधार लेगी। बाकी पैसा छोटी बचत योजनाओं से आएगा।

फसलों के एमएसपी का ऐलान नहीं
किसानों को उम्मीद थी कि पीएम किसान योजना का बजट बढाया जाएगा और इसको 6000 रुपये से बढ़ाकर 12000 रुपये कर दिया जाएगा, लेकिन इस बार के बजट में इसे नहीं बढ़ाया गया है। वहीं फसलों के एमएसपी को लेकर भी कोई बड़ा ऐलान नहीं किया गया है।

सीनियर सिटीजन को छूट नहीं
उम्मीद थी कि सीनियर सिटीजन के लिए कुछ बीमा योजना सपोर्ट और रेलवे ट्रेन टिकट में रियायतें दी जा सकती है , लेकिन बजट में सिर्फ रेल कोरिडोर का ही ऐलान किया गया है। वहीं सीनियर सिटीजन के लिए टीडीएस कटौती में भी कोई बदलाव नहीं हुआ है।

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